
विधिवत कुलदेवता दोष शांति पूजा, कुलदेवता-कुलदेवी पूजन, अभिषेक, मंत्रजाप, नैवेद्य अर्पण एवं हवन से कुलदेवता की कृपा प्राप्त करने का विधान है। इससे परिवार में सुख-शांति, वंश की उन्नति, आर्थिक स्थिरता, विवाह एवं संतान सुख, कार्यों में सफलता तथा जीवन में सुरक्षा, समृद्धि और सौभाग्य की वृद्धि होती है।
कुलदेवता दोष तब माना जाता है जब परिवार के कुलदेवता या कुलदेवी की उपासना, परंपरागत पूजा, व्रत अथवा धार्मिक कर्तव्यों की उपेक्षा हो जाए। ज्योतिषीय दृष्टि से यह दोष कुल संरक्षण, पारिवारिक सुख और वंश की उन्नति में बाधा उत्पन्न करने वाला माना जाता है।
लक्षण एवं परिणाम
घर में बार-बार अशांति, पारिवारिक विवाद, आर्थिक रुकावटें, विवाह में विलंब, संतान संबंधी बाधाएँ, व्यवसाय या नौकरी में उतार-चढ़ाव तथा बिना स्पष्ट कारण कार्यों का बिगड़ जाना इसके प्रमुख संकेत माने जाते हैं। कई बार परिवार में लगातार किसी न किसी प्रकार की समस्या बनी रहती है।
Bathe, wear clean clothes, and make a solemn resolve (Sankalp).
Worship Lord Ganesha.
Invoke and worship the family deity (Kuldevta/Kuldevi).
Offer flowers, unbroken rice grains (Akshat), sandalwood paste, incense, a lamp (Deep), and sacred food offerings (Naivedya).
Chant the mantra or stotra dedicated to the family deity.
Perform the Havan and the concluding offering (Purnahuti).
Perform the Aarti and pray for the family's happiness, prosperity, and protection.